बिलासपुर : सुभाष ठाकुर- हिमाचल प्रदेश को फल राज्य के रूप में विकसित करने के उदेश्य से शिवा परियोजना के तहत 7 जिले जिसमें बिलासपुर, सोलन, सिरमौर, ऊना, हमीरपुर, मंण्डी और कांगड़ा शामिल है । 28 विकास खंण्डों में कुल 6000 हैक्टेयर क्षेत्र को बागवानी के अधीन लाने का लक्ष्य रखा गया है। यह विचार आज बागवानी, राजस्व एवं जन जातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बिलासपुर पहुंचने पर पत्रकारो से बात करते हुए कही ।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि 2500 बागवान, किसान व परिवार इससे जुड़ चुके हैं। आगामी 5 वर्ष के दौरान लगभग 15000 किसान, बागवानों को इस परियोजना से लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 6 हजार अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अन्तर्गत चिल्ड्रन ऑफ स्टेट के रूप में अपनाने का निर्णय सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि मार्च,2026 तक प्रदेश को ग्रीन एनर्जी स्टेट के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य की वार्षिक आय में बागवानी का लगभग 4820 करोड़ रूपये का योगदान है तथा बागवानी क्षेत्र में औसतन 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। मंण्डी मध्यस्थता योजना के अन्तर्गत सेब, आम, निम्बू प्रजाति के फलों के लिए 412 प्रापण केन्द्र खोले गए हैं। राज्य के किसानों व बागवानों के उत्पाद को बढ़ाने के लिए फल कल्स्टर अथवा हब विकसित किए जाएंगे जिनमें उच्च घनत्व पौधा रोपण और सूक्षम सिंचाई प्रणाली इत्यादि के माध्यम से ड्रैगन फ्रूट, ब्लू बैरी, एवोकाडो आदि नई फसलों की शुरूवात की जाएगी।
