नालागढ़/जगत सिंह – प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ के उद्योगों में तो मजदूरों का शोषण होता ही रहा है और अब नालागढ़ के तहत झिड़ीवाला में स्थित पावर ग्रिड में भी मजदूरों का जमकर शोषण हो रहा है। पावर ग्रिड प्रबंधन की गुंडागर्दी इस कदर है कि जब चाहे किसी को काम पर रख लेते हैं और जब मन किया किसी को भी बाहर निकाल दिया जाता है।
बता दें झिड़ीवाला में स्थित पावर ग्रिड में एक मजदूर 7 सालों से इमानदारी से काम कर रहा था लेकिन पिछले कुछ दिन पहले मजदूर को बिना किसी नोटिस दिए ही प्रबंधन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया । उसकी जगह किसी अन्य मजदूर को रख लिया।
मजदूर ने पावर ग्रिड के प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह 7 सालों से ईमानदारी से काम कर रहा था और पावर ग्रिड में वह हाउसकीपिंग का काम करता था । पीड़ित मजदूर जरनैल सिंह का कहना है कि उसे बिना किसी नोटिस दिए ही पावर ग्रिड से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।मजदूर का कहना है कि वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला है और पूरा परिवार उस पर ही निर्भर है। अब उसकी नौकरी भी चली गई और पूरा परिवार के खाने पीने की उसे चिंता सताने लगी है और अब वह सड़क पर आ गया है । पीड़ित का कहना है कि 7 सालों से वह पावर ग्रिड में काम करता था।
लेकिन ना तो आज तक उसका ईएसआई कार्ड बनाया गया और उससे गुलामों की तरह काम करवाया जाता था। मजदूर का कहना है कि ना तो उसे छुट्टी वाले दिन छुट्टी दी जाती थी। मजदूर ने यहां तक कहा कि लेबर डे पर भी उनसे जबरन काम करवाया जाता है । पहले भी इसी तरह मजदूरों को मनमर्जी के चलते पावर ग्रिड के प्रबंधन द्वारा बाहर कर दिया गया था।
पीड़ित मजदूर का कहना है कि जब उसने कंपनी प्रबंधन के लोगों से बातचीत की तो उसे कहा गया कि वह उनके अधीन नहीं है और ठेकेदार से बात करें ।जब उसने ठेकेदार से बात की तो उसने कहा कि तुम बिना बजह छुट्टी करते थे इसलिए तुझे बाहर निकाल दिया गया ।अब पीड़ित मजदूर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है और उसने प्रदेश सरकार एवं लेबर ऑफिसर बद्दी से कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जहां कार्रवाई की मांग उठाई है। वही उसे नौकरी पर वापस लेने की भी गुहार लगाई जा रही है।
बता दें कि बिना किसी नोटिस के बाहर करना यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी सैकड़ों मामले ऐसे सामने आ चुके हैं । जिसमें चाहे निजी कंपनियों की बात हो या अन्य संस्थानों की बात हो। पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं , लेकिन पावर ग्रिड में पीड़ित मजदूर 7 सालों से काम करता था और न तो इसका इन 7 सालों में ईएसआई कार्ड बनाया गया जो कि सरकारी आदेशों के मुताबिक बहुत जरूरी है । पीड़ित के मुताबिक उसका जमकर शोषण किया गया और अब बिना किसी नोटिस के ही उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अब पीड़ित मजदूर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व उद्योग मंत्री और लेबल ऑफिसर बद्दी से पावर ग्रिड के प्रबंधकों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
प्रबन्धन का कहना ठेकेदार के अधीन काम करता है मजदूर
वहीं पावर ग्रिड के एच आर पीयूष अवस्थी का कहना है कि जिस मजदूर को निकाला गया है वह ठेकेदार के अधीन काम करता है । इसमें प्रबंधन का कोई भी लेना देना नहीं है । उन्होंने यह कहा कि उनके भाई की डेथ हुई है इसलिए वह इस मामले में कुछ नहीं कह सकते आप ठेकेदार से बात करिए।
ठेकेदार का यह है कहना
इस बारे में ठेकेदार मामराज सिंह का कहना है कि जरनैल सिंह नामक मजदूर बिना वजह से छुट्टी मारता था। जिसके कारण उसे कंपनी से बाहर निकाला गया। जब हमने ठेकेदार मामराज सिंह से यह सवाल पूछा कि अगर आप किसी को कंपनी से निकालते हैं वह भी उस व्यक्ति को जो पिछले 7 सालों से कंपनी में काम करता है और उसे किसी प्रकार का नोटिस देकर निकाला गया है या कोई लिखित में उसके खिलाफ नोटिस गेट पर लगवाया तो इस पर ठेकेदार ने कोई भी जवाब नहीं दिया और हमारा फोन काट दिया । उसके बावजूद हमने ठेकेदार को फोन किया लेकिन ठेकेदार ने हमारा फोन नहीं उठाया।
