कुल्लू/मनमिन्द्र अरोड़ा: शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को देश की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से हर साल वैश्विक पटल पर अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विश्व दिव्यांग दिवस मनाया गया। इस दौरान एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सीएमओ कुल्लू डॉक्टर सुशील चंद्र शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। सीएमओ कुल्लू डॉक्टर सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि आमतौर पर लोगों को लगता है कि चूंकि दिव्यांग किसी ना किसी रूप में शारीरिक व मानसिक अक्षमता का शिकार होते हैं तो इसलिए वे आजीवन दूसरों पर बोझ बने रहते हैं। जबकि सत्य यह है कि कई प्रकार की दिव्यांगता में सही प्रशिक्षण, सही मौके और सही प्रयोग की मदद से ना सिर्फ उनको आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। बल्कि वे समाज में बराबरी का जीवन भी जी सकते हैं।
सीएमओ कुल्लू डॉक्टर सुशील चंद्र शर्मा ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल ढालपुर में भी हर महीने विकलांगता के प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं और रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से भी यहां पर विकलांग व्यक्तियों के लिए कई थेरेपी दी जाती है। ताकि वे अपने रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने में सक्षम हो सकें। गौर रहे कि वर्ष 2016 में भी दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) को अपनाने तथा इन लक्ष्यों की भूमिका से विश्व को अधिक समावेशी और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से इसी थीम के साथ विश्व विकलांगता दिवस मनाया गया था।
